नारनौल/रेवाड़ी: हरियाणा रोडवेज विभाग ने मनमानी और अनुशासनहीनता करने वाले कर्मचारियों पर सख्त रुख अपनाया है। नारनौल डिपो की बस को तय जगह नारनौल के बजाय कुंड में रोकने और वहीं रात्रि ठहराव (नाइट हाल्ट) करने के मामले में रोडवेज महाप्रबंधक ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चालक और परिचालक दोनों को निलंबित कर दिया है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के मुताबिक, करीब एक महीने पहले तक इस बस का आधिकारिक रात्रि ठहराव कुंड बस अड्डे पर ही होता था। कुंड के पास ही चालक और परिचालक के पैतृक गांव पड़ते हैं, जिससे वे ड्यूटी के बाद आसानी से अपने घर चले जाते थे। हालांकि, प्रशासनिक कारणों और रूट व्यवस्था को सुधारने के तहत महाप्रबंधक (GM) ने एक माह पूर्व ही इस बस का रात्रि ठहराव कुंड से बदलकर नारनौल डिपो कर दिया था।
आदेश जारी होने के बावजूद दोनों कर्मचारी बस को नारनौल ले जाने के बजाय कुंड में ही रोककर ठहराव कर रहे थे।
बस खराबी का बहाना भी नहीं आया काम
जब मामले में अधिकारियों ने पड़ताल की, तो कर्मचारियों की ओर से यह बात सामने रखी गई कि बस रास्ते में खराब हो गई थी, इसलिए उसे कुंड में रोकना पड़ा। लेकिन जांच में यह पोल खुल गई कि बस खराब होने की कोई भी आधिकारिक सूचना न तो नारनौल बस अड्डा इंचार्ज को दी गई और न ही डिपो मुख्यालय को इस बारे में सूचित किया गया।
नारनौल में तैनात स्टैंड इंचार्ज की रिपोर्ट के आधार पर विभाग ने इसे सीधा-सीधा आदेशों का उल्लंघन और गंभीर अनुशासनहीनता माना। इसके बाद महाप्रबंधक ने दोनों कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड करने के आदेश जारी कर दिए। अधिकारियों का कहना है कि ड्यूटी में किसी भी प्रकार की लापरवाही और विभागीय आदेशों की अवहेलना कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी
